• भुगतान में विलंब सहित संवेदकों की समस्याओं से कराया अवगत
रामगढ़ | संवाददाता
रामगढ़ जिला संवेदक संघ का प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष पंकज प्रसाद तिवारी के नेतृत्व में भवन प्रमंडल कार्यपालक अभियंता से मुलाकात किया। इस दौरान संवेदकों को हो रही परेशानी के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि एकरारनामा के अनुसार पांच फीसदी राशि ही कटौती विपत्र पर किए जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद विभाग की ओर से लगभग 40 फीसदी की कटौती की जा रही है, जो की पूर्ण रूप से नियम विरुद्ध है। साथ ही कार्य के विरुद्ध संवेदकों का भुगतान में विभाग की ओर से अनावश्यक रूप से तीन-चार महीना विलंब किया जा रहा है। इस कारण संवेदकों को काफी परेशानी हो रही है। संवेदक आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। यही नहीं भुगतान में विलंब से कार्य के गति पर भी प्रभाव पड़ता है, इसका ठीकरा भी संवेदक के माथे फोड़ा जाता है। काम विलंब होने पर 10 फीसदी राशि जुर्माना के तौर पर कटौती की जाने संबंधित नियम का हवाला दिया जाता है। प्रतिनिधि मंडल ने कार्यपालक अभियंता से आवंटन के बिना टेंडर प्रकाशित नहीं करने की बात कही। साथ ही एकरारनामा के शर्तों एवं बंधेज मैं मापी पुष्ट जमा होने के कितने दिनों के अंदर विभाग द्वारा संवेदक का भुगतान कर दिया जाएगा एवं भुगतान के अभाव में कार्य में विलंब होने पर समय अवधि विस्तार की 10% राशि की कटौती नहीं करने को शामिल किया जाए। साथ ही प्रतिनिधि मंडल ने लघु खनिज मसलन बालू, गिट्टी, मेटल इत्यादि की उपलब्धता रामगढ़ जिले में नहीं होने के कारण जिले के बाहर से आपूर्ति किए जाने की स्थिति में ढुलाई का खर्च अत्यधिक होने के कारण भारी नुकसान का सामना संवेदकों को करना पड़ता है। इसका मामला उठाते हुए प्राक्कलन में डिस्टेंस बढ़ाने का आग्रह किया गया। ताकि संवेदकों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। संवेदक संघ के अध्यक्ष पंकज प्रसाद तिवारी ने कहा कि भुगतान में विलंब को लेकर उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त से वार्ता के दौरान सहमति बनी थी। जिसके फल स्वरुप भुगतान भी हो रहा है, परंतु कुछ मामले में भुगतान 4 से 5 महीने से लंबित है। ऐसे मामलों में प्रशासनिक दृष्टिकोण से कुछ त्रुटि पाई गई है, जिसका निराकरण कार्य विभाग के अभियंताओं को एवं संवेदक को मिलकर सक्रियता के साथ करना है। परंतु ऐसे मामले में पत्राचार एवं जांच के कारण भुगतान में विलंब हो रहा है।
रनिंग बिल भी बेवजह अटकाया जा रहा : दयासागर प्रसाद
संवेदक संघ के जिला सचिव दयासागर प्रसाद ने कहा कि रनिंग बिल के भुगतान के समय जांच या भौतिक सत्यापन ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है, कार्य के मध्य में भी भौतिक सत्यापन कराया जा सकता है या अंतिम विपत्र में सभी तरह के जांच कराए जा सकते हैं। ऐसा होने से कार्य के बीच में भुगतान में विलंब का कोई मामला भी नहीं होगा और अंतिम विपत्र में जांच होने से संवेदक मानसिक की आर्थिक रूप से परेशान भी नहीं होंगे। अंतिम विपत्र में यदि भुगतान में थोड़ा विलंब भी हो जाता है तो कोई बहुत बड़ा मसला नहीं होगा। कार्यपालक अभियंता ने वरीय पदाधिकारी से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का हल निकालने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधि मंडल में सिद्धेश्वर प्रसाद उर्फ गिरधारी, लाल बिहारी महतो, जितेंद्र कुमार, अनुज तिवारी, शहजाद खान, रामचंद्र प्रसाद, भानु प्रकाश महतो, सुनील सोनी, पवन यादव, रामसेवक यादव, तरुण यादव, राजकुमार साहू, बलराम महतो, आलम अंसारी, अरुण कुशवाहा, प्रदीप गोप, नीरज प्रताप सिंह, राहुल सिंह, बृजमोहन गोस्वामी, सुनील गोस्वामी, कयूम अंसारी आदि शामिल थे।
