• चलती कार के सनरूफ बाहर खड़े होकर बनाया था वीडियो
• वायरल होने के बाद रांची डीसी मंजूनाथ के निर्देश पर हुई कार्रवाई
रांची | संवाददाता
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के बेटे कृष अंसारी का चलती गाड़ी के सनरूफ से बाहर निकलकर खड़े होने का वीडियो वायरल हो रहा है। इस पर डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बेटे कृष अंसारी एकबार फिर चर्चा में हैं। उनको चलती कार के सनरूफ से बाहर निकलकर खड़े होकर हाथ हिलाने का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने इस प्रकरण पर संज्ञान लिया है। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी को ऐक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। कृष ने हाल ही में गाड़ियों के काफिले के साथ चलती कार के सनरूफ से खड़ा होकर वीडियो शूट कराया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था।
रांची डीसी ने तलब किया रिपोर्ट
वायरल वीडियो में कृष अंसारी को सनरूफ से बाहर खड़े होकर दृश्य को कैद करते देखा गया। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। प्रशासन ने इसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना है। उपायुक्त ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने इस घटना पर संज्ञान लिया है और जिला परिवहन पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रांची पुलिस को भी टैग करके रिपोर्ट मांगी है।
3650 रुपय का काटा गया चलान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की 179, 177, 190 सहिन अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य मंत्री के बेटे पर 3650 रूपय का चालान काटा है। इनमें सामान्य ट्रैफिक उल्लंघन, असुरक्षित वाहन चलाना, सीट बेल्ट का उल्लंघन जैसे नियमों की अनदेखी शामिल है।
पहले भी चर्चा में रहे हैं मंत्री पुत्र
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बेटे कृष अंसारी के चर्चा में आने का यह कोई पहला वाकया नहीं है। इससे पहले भी उनका एक वीडियो वायरल हो गया था जिसमें वह अलग-अलग अस्पतालों में नजर आ रहे हैं। एक वीडियो में तो उन्हें रिम्स में मरीजों से हालचाल पूछते देखा गया था। वायरल हुए उक्त वीडियो में कृष के साथ मौजूद युवक कह रहे थे कि ये मंत्री के बड़े बेटे हैं। आप इनको अपनी समस्याएं बता सकते हैं। सोशल मीडिया पर कृष पर अस्पतालों में निरीक्षण के आरोप लगे थे जिनको मंत्री इरफान अंसारी ने खारिज कर दिया था। इरफान अंसारी ने एक्स पर लिखे अपने पोस्ट में कहा था कि कृष रिम्स में निरीक्षण के लिए नहीं, अपने एक टीचर के पिता को देखने गया था। रिम्स में इलाज को लेकर परेशान कुछ आदिवासी भी मदद के लिए आए थे, वह उनकी मदद करने का प्रयास कर रहा था।
