• पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और झारखंड के हजारों लोग जुटे
• सोहराय संस्कृति को संजोने के लिए एकजुट हुआ समाज
रामगढ़ | संवाददाता
बृहद झारखंड कला संस्कृति मंच के तत्वावधान में 18 अक्टूबर को सोहराय चांचइर आर बरदखूंटा का आयोजन हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करना, स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करना तथा युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना है। सोहराय परब न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है बल्कि यह झारखंड की अस्मिता, परंपरा और सामुदायिक एकता का संदेश लेकर आता है। यह आयोजन झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और प्रोत्साहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोहराय चांचइर आर बरदखूंटा कार्यक्रम जिला मैदान से शुरू होकर रामगढ़ कॉलेज मैदान में जाकर समाप्त हुई। इससे पूर्व शोभायात्रा शहर के चट्टी बाजार, थाना चौक, सुभाष चौक, ब्लॉक चौक आदि स्थानों का भ्रमण कर रामगढ़ कॉलेज मैदान पहुंची। यहां बरदखुंटा कार्यक्रम किया गया।
कार्यक्रम की मूल भावना
सोहराय परब झारखंड की मिट्टी, संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है। यह प्रकृति, पशुपालन, कृषि जीवन और सामुदायिक एकता का उत्सव है। सोहराय पेंटिंग, पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य, और लोकनाट्य इसके जीवंत स्वरूप हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से इन सभी विधाओं का वास्तविक और नाटकीय प्रदर्शन किया जाएगा ताकि नई पीढ़ी अपनी धरोहर से परिचित हो सके।
विशेष आकर्षण
- सोहराय पेंटिंग का प्रदर्शन – झारखंड की प्रसिद्ध सोहराय पेंटिंग को मंच पर प्रस्तुत किया गया। यह कला अब GI Tag से मान्यता प्राप्त कर चुकी है, जिसका अर्थ है कि यह विशिष्ट रूप से झारखंड के भू-भाग से जुड़ी कला है और इसके प्रामाणिक संरक्षण का अधिकार यहीं के कलाकारों को प्राप्त है।
- लोक कलाकारों को मंच – कार्यक्रम में स्थानीय एवं प्रामाणिक कलाकारों को अवसर दिया गया ताकि उनकी कला को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
- राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण का प्रयास – इस आयोजन के माध्यम से सोहराय परंपरा की महत्ता की ओर राजनीतिक व प्रशासनिक तंत्र का ध्यान आकृष्ट कराया गया।
- युवा पीढ़ी का जुड़ाव – सोहराय की मूल संस्कृति, पेंटिंग, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र और पकवानों को युवाओं के सामने लाकर उन्हें अपनी परंपराओं से जोड़ा जाएगा।
- प्रदर्शनी – इस अवसर पर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें सोहराय से जुड़े गीत, नृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्र, वस्त्र, पेंटिंग, हस्तशिल्प और व्यंजन प्रदर्शित किए गए!
कार्यक्रम में शामिल हुई हजारों की भीड़
सोहराय चांचइर आर बरदखूंटा कार्यक्रम में हजारों की भीड़ शामिल हुई। इसमें 2000 से अधिक ढोल – नगाड़े व 500 चांचइर की टीमें भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, मांडू विधायक तिवारी महतो, गोमिया के पूर्व विधायक लंबोदर महतो, रामगढ़ की पूर्व विधायक सुनीता चौधरी, ओम प्रकाश महतो, द्वारिका प्रसाद, संतोष टिडुआर, नगर परिषद के उपाध्यक्ष मनोज कुमार महतो, पूर्व जिप अध्यक्ष ब्रंमदेव महतो, दामोदर महतो,चिन्तामनी पटेल, वार्ड पार्षद देवधारी महतो, वार्ड रोशन कुमार, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अरविंद महतो, जागेश्वर नागवंशी, पनेश्वर कुमार,आनंद केटियार, रवि कुमार महतो, देवानंद महतो, संतोष बंसीयार, मुनिनाथ महतो, रमेश कुमार महतो, गिरीशंकर महतो, गुड्डी देवी, रूपा महतो, सीता देवी, निशा देवी,पिंकी देवी, प्रीति देवी, डॉ. राजेश महतो, संतोष चौधरी, गिरीशंकर महतो, महेश निगम, कौलेश्वर महतो, सुधीर अकेला, मुरारी प्रसाद,प्रदीप महतो, पवन महतो, रोहित महतो, धनंजय महतो, पॉवेल कुमार, सुरेन महतो, मुरलीधर कोठारी,aअनिल पटेल, मोहित पटेल, पांडव कुमार महतो, सुरेंद्र महतो, मघन महतो, अनुराग महतो, सूरज कुमार,निरंजन महतो, दिपेंदर कुमार, भीमराज महतो, दिनेश महतो, डालचंद ओहदार, जयशंकर महतो, राजेश महतो, उमेश महतो, सुगंध कुमार, किष्टो महतो, पिंटू कुमार,केदार महतो, प्रभु दयाल महतो, अशोक चौधरी,बिनोद कुमार,शिव कुमार, निखिल कुमार महतो, प्रवीण कुमार,अशोक चक्रपानी, रामबिलास महतो आदि की भूमिका रही।
