• सोहराय चांचइर आर बरदखूंटा कार्यक्रम में होंगे शामिल
• बृहद झारखंड कला संस्कृति मंच की बैठक में बनी सहमति
रामगढ़ | संवाददाता
बृहद झारखंड कला संस्कृति मंच, रामगढ़ की बैठक सरना उच्च विधालय कोठार में संपन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता रेवालाल महतो और संचालन ओम प्रकाश महतो ने किया। इस दौरान सर्वसम्मति से पिछले वर्ष की भाँति इस वर्ष भी 18 अक्टूबर 2025 दिन शनिवार को सोहराय चांचइर आर बरदखूंटा का भव्य आयोजन करने का निर्णय हुआ। सोहराय चांचइर आर बरदखूंटा कार्यक्रम जिला मैदान से शुरू होकर रामगढ़ कॉलेज मैदान में जाकर समाप्त होगी। इसमें झारखंड ही नहीं वरन पश्चिम बंगाल और ओडिशा के भी हजारों लोग अपने-अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ ‘बृहद झारखंड कला संस्कृति मंच’ के आह्वान पे ‘सोहराई चांचइर आर बरदखूंटा’ में शामिल होने के लिए रामगढ़ पहुँचेंगे। इस तरह का आयोजन इस बृहद झारखंड में अनूठा और ऐतिहासिक होगा। वक्ताओं ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य झारखंड की संस्कृति को एक नए सिरे उठाना और जीवित करना ही नहीं है वरन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पे पहचान भी दिलाना है। ज्ञात ही कि विगत वर्षों में सोहराई पेंटिंग को जीआई टैग भी मिल चुका है। अतः अब हमलोगों का भी कर्तव्य बनता है कि इसे भव्य ही नहीं अपितु भव्यतम रूप दें और विश्व पटल में स्थापित करे। बैठक में नगर परिषद के उपाध्यक्ष मनोज कुमार महतो, अधिवक्ता द्वारिका प्रसाद, संतोष टिडुआर, वार्ड पार्षद देवधारी महतो, वार्ड रोशन कुमार, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अरविंद महतो, जागेश्वर नागवंशी, पानेश्वर कुमार, आनंद केटियार, रवि कुमार महतो, देवानंद महतो, संतोष बंसीयार, मुनिनाथ महतो, रमेश कुमार महतो, गिरीशंकर महतो, गुड्डी देवी, रूपा महतो, सीता देवी, निशा देवी, पिंकी देवी, प्रीति देवी, डॉ. राजेश महतो, संतोष चौधरी, गिरीशंकर महतो, महेश निगम, कौलेश्वर महतो, सुधीर अकेला, मुरारी प्रसाद, प्रदीप महतो, पवन महतो, रोहित महतो, धनंजय महतो, पॉवेल कुमार, सुरेन महतो, मुरलीधर कोठारी, अनिल पटेल, मोहित पटेल, पांडव कुमार महतो, सुरेंद्र महतो, मघन महतो, अनुराग महतो, सूरज कुमार, निरंजन महतो, दिपेंदर कुमार, भीमराज महतो, दिनेश महतो, डालचंद ओहदार, जयशंकर महतो, राजेश महतो, उमेश महतो, सुगंध कुमार, किष्टो महतो, पिंटू कुमार, केदार महतो, प्रभु दयाल महतो, अशोक चौधरी, बिनोद कुमार, शिव कुमार, निखिल कुमार महतो, प्रवीण कुमार, अशोक चक्रपानी, रामबिलास महतो आदि मौजूद थे।
