आत्मसमर्पण नीति के तहत गिरिडीह में नक्सली दंपत्ति छोड़ा अपराध का रास्ता

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सीआरपीएफ के डीआईजी अमित कुमार ने किया स्वागत

नक्सली हथियार डाले या गोली खाने को तैयार रहे : पुलिस

गिरिडीह | संवाददाता

गिरिडीह में नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के दौरान गिरिडीह पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। झारखंड पुलिस के द्वारा चलाये जा रहे आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर पारसनाथ जोन में एक्टिव दो नक्सली शिवलाल हेम्ब्रम उर्फ़ शिवा और उसकी पत्नी सरिता हांसदा उर्फ़ उर्मिला ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। दोनों नक्सली गिरिडीह जिले के खुखरा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। बुधवार को पपरवाटांड़ स्थित नए पुलिस लाईन में एक प्रेसवार्ता का आयोजन कर इसकी जानकारी दी गई। सीआरपीएफ के डीआईजी अमित कुमार ने दोनों आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार के द्वारा आत्मसमर्पण नीति के तहत सरेंडर करने के बाद मुख्यधारा में लौटने पर स्वागत किया। डीआईजी ने बताया जाता है कि दोनों नक्सली पति-पत्नी हैं और एक करोड़ के इनामी प्रयाग मांझी उर्फ़ विवेक के दस्ते में सक्रिय सदस्य के रुप में काम कर चुके हैं। इन दोनों नक्सलियों के द्वारा फिलहाल पारसनाथ जोन का कमान भी था। पिछले कई दिनों से दोनों नक्सली पुलिस के सम्पर्क में थे और आत्मसमर्पण करने की बात कही थी। इसके बाद अलग – अलग सुरक्षा एजेंसियों इंटलीजेन्स ब्यूरो, स्पेशल ब्रांच समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सम्पर्क में आये ओर फिर आज दोनों मुख्यधारा में वापस लौटे। उन्होंने कहा की मुख्यधारा से भटके हुए सभी नक्सलियों को पुलिस की चुनौती है की वे भी सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत सरेंडर करते हुए मुख्य धारा में लौट जाएँ, नहीं तो गोली खाने के लिये तैयार रहें। मौके पर डीसी रामनिवास यादव, एसपी डॉ. बिमल कुमार, एएसपी अभियान सुरजीत कुमार समेत कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।

पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करते नक्सली दंपत्ति।

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