• हिजाब प्रकरण को लेकर ख़िदमत-ए-इंसानियत फेडरेशन ने जताया कड़ा विरोध
रामगढ़ | संवाददाता
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान एक मुस्लिम महिला चिकित्सक नुसरत प्रवीण का हिजाब खींचे जाने के कथित मामले के खिलाफ शनिवार को सुभाष चौक में विरोध प्रदर्शन हुआ। शाम करीब पांच बजे ख़िदमत-ए-इंसानियत फेडरेशन, रामगढ़ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन करते हुए बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व ख़िदमत-ए-इंसानियत फेडरेशन रामगढ़ के सदर रियाज़ अंसारी, कोषाध्यक्ष एवं दुर्गी पंचायत के मुखिया मोक़ीम आलम ने संयुक्त रुप से किया। इस दौरान पुतला दहन में शामिल लोगों ने नीतीश कुमार मुर्दाबाद, माफी मांगों आदि जमकर नारे लगाए। रियाज़ अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी असंवेदनशील हरकत बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल होती है। मुख्यमंत्री को अपनी मानसिकता पर पुनर्विचार करना चाहिए और इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। वहीं सचिव मुनव्वर सैफी ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी आस्था और संस्कृति के अनुसार वस्त्र धारण करने का अधिकार देता है। किसी महिला के पहनावे पर हस्तक्षेप करना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि महिला सम्मान के भी खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले में तत्काल माफी मांगें और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करें। प्रदर्शन में पंचायत समिति फरीद अंसारी, पीरी मुखिया प्रतिनिधि शीतल बेदिया,अंजुमन सेक्रेटरी मो.हसीब, समाजसेवी शफाकत अंसारी, अजय साव, जितेंद्र मुंडा,मोहसिन खान, हसरत रज़वी, क़ारी अताउल मुस्तफ़ा, हाफ़िज़ वसीम, वली हसन, रफीक अंसारी, गुलाम रजा, मोहम्मद वकील, मासूम रजा, ताजुद्दीन अंसारी, रफीउल्लाह अंसारी, सगीर अहमद, अशहर रजा, मुबारक अली आदि शामिल थे।
