• 30 सितंबर को मुख्य सचिव के पद से हुई थी रिटायर
रांची | वरीय संवाददाता
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य सरकार के वरिष्ठ IAS अधिकारी (सेवानिवृत्त) अलका तिवारी को राज्य का नया राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त कर दिया है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई। 30 सितंबर को वह मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुई थी। मुख्य सचिव रही अलका तिवारी को नई जिम्मेदारी मिली है।
रह चुकी हैं मुख्य सचिव
अलका तिवारी 1988 बैच की एक बेहद अनुभवी और वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। जो बुधवार, 30 सितंबर को ही राज्य की मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। उनकी नियुक्ति को राज्य प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
फेयरवेल में ही हुई थी घोषणा
सबसे खास बात यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अलका तिवारी की सेवानिवृत्ति के दिन ही, उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में उन्हें राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाने की घोषणा कर दी थी। मुख्यमंत्री के इस कदम से यह साफ हो गया था कि राज्य सरकार उनके प्रशासनिक अनुभव को आगे भी राज्य के हित में उपयोग करना चाहती है।
इन शर्तों के अनुसार होगा कार्यकाल
अलका तिवारी का कार्यकाल चार साल का होगा, जिसकी शुरुआत उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से होगी। हालांकि, इस नियुक्ति के साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी जुड़ी है। निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल अधिकतम चार साल या 65 साल की उम्र तक होता है, जो भी पहले पूरा हो जाए। इसका मतलब है कि अगर चार साल पूरे होने से पहले ही अलका तिवारी की उम्र 65 साल हो जाती है तो उनका कार्यकाल उसी दिन समाप्त माना जाएगा।
अब तक का सफर काफी महत्वपूर्ण
अलका तिवारी ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान, नवंबर 2024 में चुनाव आयोग से जरूरी अनुमति लेने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें मुख्य सचिव के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया था। इस पद पर रहते हुए उन्होंने राज्य प्रशासन को एक नई दिशा दी और अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया। अब, राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में उनकी जिम्मेदारी राज्य में नगर निकाय और पंचायत चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की होगी। इस नई जिम्मेदारी के साथ, उम्मीद है कि अलका तिवारी अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के काम को और भी मजबूती प्रदान करेंगी।
